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भारत के संविधान की किस अनुसूची के तहत खनन के लिए निजी पक्षों को जनजातीय भूमि के अंतरण को अकृत और शून्य घोषित किया जा सकता है?

Aतीसरी अनुसूची
Bपांचवीं अनुसूची
Cनौवीं अनुसूची
Dबारहवीं अनुसूची
Answer & Solution
Correct answer: B. पांचवीं अनुसूची
सही उत्तर विकल्प (B) है। भारत के संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत अनुसूचित क्षेत्रों में गैर-आदिवासियों या निजी पक्षों को खनन या अन्य उद्देश्यों के लिए जनजातीय भूमि के अंतरण को अकृत और शून्य (null and void) घोषित किया जा सकता है। उच्चतम न्यायालय ने 'समता बनाम आंध्र प्रदेश राज्य' (1997) के ऐतिहासिक निर्णय में व्यवस्था दी थी कि पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्रों में निजी खनन कंपनियों को पट्टे देना प्रतिबंधित है।
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