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प्राचीन दक्षिण भारत के संदर्भ में, कोरकई, पूमपुहार और मुचिरि किस रूप में सुविख्यात थे?

Aराजधानी नगर
Bपत्तन (बंदरगाह)
Cलोहा और इस्पात निर्माण केंद्र
Dजैन तीर्थंकरों के तीर्थस्थल
Answer & Solution
Correct answer: B. पत्तन (बंदरगाह)
उत्तर: B. कोरकई, पूमपुहार और मुचिरि पत्तनों (बंदरगाहों) के रूप में सुविख्यात थे। संगम कालीन दक्षिण भारत (लगभग 300 ईसा पूर्व - 300 ईस्वी) में, ये तीनों प्रमुख तटीय व्यापारिक पत्तन थे: कोरकई दक्षिणी तमिल तट पर पांड्य साम्राज्य का मुख्य पत्तन था, जो मोती निकालने और ग्रीको-रोमन दुनिया के साथ व्यापार के लिए प्रसिद्ध था। यूनानी लेखकों ने इसे 'कोलचोई' कहा था। पूमपुहार (जिसे कावेरीपट्टिनम, पुहार भी कहा जाता है) कावेरी नदी के मुहाने पर चोल साम्राज्य का महान पत्तन-राजधानी था। यह तमिल महाकाव्य 'मणिमेकलई' की पृष्ठभूमि रहा है। मुचिरि (मुज़िरिस, केरल में आधुनिक पत्तनम) चेरों का प्रमुख पत्तन था, जिसका रोम के साथ काली मिर्च के व्यापार पर वर्चस्व था। पत्तनम में पाए गए रोमन एम्फोरा (कलश) और सोने के सिक्के इसकी पुष्टि करते हैं। ये तीनों मिलकर तीन महान तमिल साम्राज्यों (पांड्य, चोल, चेर) और रोम, मिस्र तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ उनके अंतर्राष्ट्रीय समुद्री व्यापारिक संपर्कों का प्रतिनिधित्व करते हैं। स्रोत: पाठ्यचर्या भारतीय इतिहास के कुछ विषय भाग I / संगम साहित्य अध्ययन।
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