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निम्नलिखित में से कौन-सी कृति नाटककार भास की मानी जाती है?

Aकाव्यालंकार
Bनाट्यशास्त्र
Cमध्यम-व्यायोग
Dमहाभाष्य
Answer & Solution
Correct answer: C. मध्यम-व्यायोग
उत्तर: C. मध्यम-व्यायोग नाटककार भास की कृति मानी जाती है। भास (लगभग तीसरी-चौथी शताब्दी ईस्वी या उससे पहले) एक प्रमुख संस्कृत नाटककार थे, जिनकी कृतियों की पुनः खोज 1912 में केरल में टी. गणपति शास्त्री द्वारा की गई थी। अब उनके नाम से तेरह नाटक जुड़े हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से 'त्रिवेंद्रम नाटक' या 'भास नाटक चक्र' कहा जाता है। मध्यम-व्यायोग भास की रचनाओं में से एक एकांकी नाटक है, जो महाभारत के भीम और उनके पुत्र घटोत्कच से जुड़े एक मार्मिक प्रसंग का नाट्य रूपांतरण करता है। अन्य विकल्प अमान्य: (A) काव्यालंकार भामह द्वारा रचित काव्यशास्त्र का एक ग्रंथ है। (B) नाट्यशास्त्र भरत मुनि द्वारा रचित नाट्यकला का महान ग्रंथ है। (D) महाभाष्य पतंजलि द्वारा रचित पाणिनी की अष्टाध्यायी पर एक व्याकरणिक भाष्य है। स्रोत: पाठ्यक्रम विश्व इतिहास के कुछ विषय + मानक संस्कृत साहित्य संदर्भ।
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